गले में खराश होने पर इन 5 चीजों को भूलकर भी न खाएं, जल्दी ठीक होना है तो जान लें!

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목이 아플 때 피해야 할 음식 - I have reviewed the provided Hindi text and extracted key details about foods to avoid when having a...

अरे यार, कभी-कभी सुबह उठते ही गले में हल्की सी खराश महसूस होती है न? और देखते ही देखते यह खराश दर्द में बदल जाती है। ऐसे में कुछ भी खाने का मन नहीं करता, और अगर खा भी लिया तो लगता है जैसे आग लग गई हो!

मैंने खुद कई बार गलत चीज़ें खाकर अपने गले की हालत और बिगाड़ ली है। लेकिन क्या आपको पता है कि जब गला खराब हो, तो कुछ ऐसी चीज़ें होती हैं जिनसे बिल्कुल दूर रहना चाहिए?

हम जो खाते हैं, उसका सीधा असर हमारे गले की रिकवरी पर पड़ता है। अगर आप भी जल्द से जल्द इस परेशानी से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आइए, नीचे विस्तार से जानते हैं कि गले की खराश में किन चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए ताकि आपका गला जल्दी ठीक हो सके।

तीखे और मसालेदार व्यंजन: आग में घी डालने जैसी गलती!

목이 아플 때 피해야 할 음식 - I have reviewed the provided Hindi text and extracted key details about foods to avoid when having a...

जब गला दुख रहा हो, तब हर कोई सोचता है कि कुछ चटपटा खा लें ताकि स्वाद आ जाए, लेकिन दोस्तों, यही सबसे बड़ी गलती होती है! मैंने खुद कई बार इस चक्कर में अपने गले को और बुरी तरह से जलाया है.

तीखे मसाले, जैसे लाल मिर्च, काली मिर्च, और गरम मसाले, हमारे गले में पहले से मौजूद सूजन को कई गुना बढ़ा देते हैं. ये मसाले म्यूकस मेम्ब्रेन में इरिटेशन पैदा करते हैं, जिससे खराश और दर्द असहनीय हो जाते हैं.

कल्पना कीजिए, जैसे कोई घाव हो और उस पर आप मिर्च डाल दें, बस ठीक वैसी ही फीलिंग आती है. मुझे याद है, एक बार मेरा गला खराब था और मैंने गलती से थोड़ा तीखा चाइनीज खाना खा लिया, रात भर मैं सो नहीं पाया था.

ऐसा लगा जैसे गले में किसी ने गरम कोयला डाल दिया हो. इसलिए, ऐसे समय में अपनी स्वाद कलिकाओं को थोड़ा आराम देना ही सबसे अच्छा होता है. रिकवरी में तेज़ी लाने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप उन चीज़ों से दूर रहें जो गले को और उत्तेजित करती हैं.

मिर्च-मसाले वाले पकवान

जब आपका गला ठीक न हो, तो मिर्च-मसाले वाले पकवानों से पूरी तरह से परहेज़ करना चाहिए. बिरयानी, टिक्का, करी और अन्य सभी भारतीय व्यंजन जो तीखे होते हैं, उन्हें इस समय के लिए ‘नो एंट्री’ ज़ोन में रखें.

ये आपके गले की हालत को और भी बदतर बना सकते हैं. इनमें मौजूद मसाले गले में जलन और सूजन को बढ़ाते हैं, जिससे निगलने में और भी ज़्यादा परेशानी होती है. मुझे अपनी एक सहेली का किस्सा याद है, उसने ज़ुकाम में छोले भटूरे खा लिए थे और उसका गला इतना खराब हो गया कि उसे दो दिन तक बोलना भी मुश्किल हो गया.

यह सिर्फ स्वाद का मामला नहीं है, बल्कि आपके गले के स्वास्थ्य का भी है. इसलिए, थोड़ी समझदारी दिखाते हुए इन चीज़ों से दूरी बनाए रखें.

तले हुए स्नैक्स

तले हुए स्नैक्स, जैसे समोसे, पकौड़े, फ्रेंच फ्राइज, और चिप्स, भी गले की परेशानी को बढ़ा सकते हैं. ये खाने में तो स्वादिष्ट लगते हैं, लेकिन इनमें मौजूद तेल और अत्यधिक चिकनाई गले में बलगम को बढ़ा सकती है.

साथ ही, इनकी खुरदुरी बनावट गले को खरोंच सकती है. मैंने देखा है कि जब भी गला खराब होता है और कोई तला हुआ खाना खा लेते हैं, तो खांसी और कफ की समस्या बढ़ जाती है.

ये स्नैक्स गले में चिपक भी सकते हैं, जिससे निगलने में और भी असहजता महसूस होती है. इसलिए, इस समय में कुरकुरे और तले हुए भोजन से दूर रहकर अपने गले को शांत रहने दें.

अम्लीय खाद्य पदार्थ: गले को और खराब करने वाले दुश्मन!

अम्लीय खाद्य पदार्थ, जैसे खट्टे फल और टमाटर, जब गला खराब हो, तो गले के लिए बिल्कुल भी अच्छे नहीं होते हैं. ये भले ही विटामिन सी से भरपूर हों, लेकिन इनकी अम्लीय प्रकृति गले की नाजुक म्यूकस मेम्ब्रेन को इरिटेट कर सकती है.

मुझे याद है, एक बार गले में खराश थी और मैंने सोचा कि संतरे का जूस पीने से विटामिन सी मिलेगा और जल्दी ठीक हो जाऊंगी. लेकिन उसका उल्टा असर हुआ, गले में और ज़्यादा जलन महसूस होने लगी.

ये खाद्य पदार्थ पेट में एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) को भी ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे गले में एसिड वापस आ सकता है और सूजन और दर्द और बढ़ सकता है. इसलिए, इस समय में खट्टी चीज़ों से दूरी बनाए रखना ही बुद्धिमानी है.

नींबू, संतरा जैसे खट्टे फल और उनका रस

नींबू, संतरा, मोसंबी, और अंगूर जैसे खट्टे फल और उनके जूस को गले की खराश के दौरान बिल्कुल नहीं पीना चाहिए. इनकी एसिडिक प्रॉपर्टीज़ गले में मौजूद सूजन को बढ़ा सकती हैं और आपको असहज महसूस करा सकती हैं.

भले ही इनमें विटामिन सी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अच्छा है, लेकिन जब गले में सूजन हो, तो यह विपरीत प्रभाव डालता है. मैंने अपनी दादी से सुना है कि ऐसे में नींबू पानी पीना अच्छा होता है, लेकिन मेरे अनुभव में, जब गले में खराश हो, तो यह और ज़्यादा जलन पैदा करता है.

इसके बजाय, आप गुनगुना पानी या हर्बल चाय का सेवन कर सकते हैं.

टमाटर और टमाटर से बनी सॉस

टमाटर और टमाटर से बनी चीज़ें जैसे टमाटर सूप, केचप, और पास्ता सॉस भी अम्लीय होते हैं और गले की खराश को बढ़ा सकते हैं. इनकी अम्लीय प्रकृति गले में जलन पैदा कर सकती है.

जब गला पहले से ही संवेदनशील हो, तो ये चीज़ें आग में घी का काम करती हैं. मुझे याद है, एक बार मेरे छोटे भाई का गला खराब था और उसने टमाटर सूप पी लिया, उसके बाद उसे इतनी खांसी आई कि हमें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा.

ये चीज़ें गले में एसिड रिफ्लक्स का कारण भी बन सकती हैं, जिससे गले में जलन और दर्द और बढ़ जाता है. इसलिए, गले की रिकवरी के दौरान टमाटर और उससे बनी चीज़ों से दूर रहना ही बेहतर है.

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कठोर और खुरदुरे भोजन: गले पर रगड़ने वाले राक्षस!

जब गला दर्द कर रहा हो, तब कठोर और खुरदुरे भोजन खाने से बचना बहुत ज़रूरी है. ऐसे खाद्य पदार्थ गले की अंदरूनी परत को खरोंच सकते हैं और सूजन को बढ़ा सकते हैं.

कल्पना कीजिए, आपका गला पहले से ही संवेदनशील है और आप ऊपर से कोई नुकीली या खुरदुरी चीज़ खा रहे हैं, यह कितना दर्दनाक हो सकता है. मैंने देखा है कि कई बार लोग जल्दबाजी में कुछ ऐसा खा लेते हैं जिससे उनके गले की हालत और भी खराब हो जाती है.

ऐसे में, नरम और आसानी से निगलने वाले भोजन का सेवन करना चाहिए, ताकि गले को कोई अतिरिक्त तनाव न झेलना पड़े और वह जल्द से जल्द ठीक हो सके.

चिप्स और कुरकुरे

चिप्स और कुरकुरे जैसे स्नैक्स खाने में तो बहुत मज़ेदार लगते हैं, लेकिन गले की खराश में ये आपके सबसे बड़े दुश्मन बन सकते हैं. इनकी खुरदुरी और कठोर बनावट गले को खरोंच सकती है और दर्द को बढ़ा सकती है.

जब मैं छोटी थी, तब मेरा गला खराब था और मैंने चुपके से चिप्स खा लिए थे, मेरी मम्मी को पता चला तो डांट पड़ी थी और सच कहूं तो गले में और ज़्यादा दर्द होने लगा था.

ये गले में चिपक भी सकते हैं, जिससे आपको खांसी आ सकती है और स्थिति और भी बिगड़ सकती है. इसलिए, अपने गले को आराम देने के लिए इन कुरकुरे और खुरदुरे स्नैक्स से पूरी तरह से दूरी बना लें.

टोस्ट और सूखे बिस्कुट

टोस्ट और सूखे बिस्कुट, जो आमतौर पर चाय के साथ खाए जाते हैं, गले की खराश में बिल्कुल नहीं खाने चाहिए. इनकी सूखी और कठोर बनावट गले को और ज़्यादा सूखा और असहज महसूस करा सकती है.

ये आसानी से निगलने वाले नहीं होते और गले की म्यूकस मेम्ब्रेन को परेशान कर सकते हैं. मुझे याद है, एक बार गले में दर्द था और मैंने टोस्ट खा लिया था, मुझे इतना पानी पीना पड़ा था कि गले की सूजन और बढ़ गई थी.

इससे गले में खुजली और खांसी की समस्या भी बढ़ सकती है. ऐसे में, दलिया या खिचड़ी जैसे नरम भोजन का सेवन करना बेहतर है.

डेयरी उत्पाद: कफ बढ़ाकर और परेशान करने वाले!

बहुत से लोग मानते हैं कि जब गला खराब हो तो दूध पीना अच्छा होता है, लेकिन मेरा अनुभव कुछ और ही कहता है. डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही और पनीर, गले में बलगम (कफ) को बढ़ा सकते हैं, जिससे आपका गला और ज़्यादा भरा हुआ और चिपचिपा महसूस हो सकता है.

यह भले ही हर किसी के साथ न हो, लेकिन मैंने देखा है कि मेरे कई दोस्तों को जब भी गले की परेशानी होती है और वे डेयरी उत्पाद लेते हैं, तो उनकी खांसी और कफ की समस्या बढ़ जाती है.

यह गले की सूजन को कम करने की बजाय उसे और बढ़ा सकता है, जिससे रिकवरी में ज़्यादा समय लग सकता है.

दूध और पनीर

दूध और पनीर, हालांकि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, गले की खराश के दौरान इनसे बचना चाहिए. ये गले में बलगम के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं, जिससे गला और ज़्यादा भरा हुआ महसूस होता है और निगलने में कठिनाई हो सकती है.

मुझे याद है, एक बार मेरा गला खराब था और मैंने गर्म दूध पी लिया था, उसके बाद मुझे लगातार खांसी आती रही. यह गले में एक मोटी परत बना सकते हैं, जिससे असहजता महसूस होती है.

इसलिए, जब तक आपका गला पूरी तरह से ठीक न हो जाए, तब तक दूध और पनीर से दूर रहें.

दही और आइसक्रीम

दही और आइसक्रीम भी डेयरी उत्पाद हैं जिनसे गले की खराश में परहेज़ करना चाहिए. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो कुछ लोगों के गले को इरिटेट कर सकता है, खासकर अगर गला पहले से ही संवेदनशील हो.

और आइसक्रीम? यह तो ठंडी होने के कारण गले की सूजन को और बढ़ा सकती है और दर्द पैदा कर सकती है. मेरे बचपन में जब भी मेरा गला खराब होता था, मेरी मम्मी मुझे आइसक्रीम खाने से रोकती थीं और वे सही थीं!

ठंडी चीज़ें गले की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देती हैं, जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है और रिकवरी धीमी हो जाती है.

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ठंडी और फ्रोजन चीज़ें: दर्द को न्योता देने वाली!

जब गला खराब हो, तो ठंडी और फ्रोजन चीज़ें आपके गले के लिए ज़हर से कम नहीं हैं. मुझे पता है कि गर्मी में या जब शरीर गरम हो, तब ठंडा पानी या आइसक्रीम बहुत अच्छी लगती है, लेकिन गले की खराश में ये आपकी हालत को और बिगाड़ देती हैं.

ये चीज़ें गले में सूजन को बढ़ाती हैं और रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देती हैं, जिससे दर्द और असहजता महसूस होती है. मैंने अपनी आँखों से देखा है कि कैसे एक छोटे बच्चे का गला खराब था और उसके माता-पिता ने उसे आइसक्रीम खिला दी, फिर उसकी खांसी रात भर बंद नहीं हुई.

इसलिए, इस समय में इन चीज़ों से पूरी तरह से दूरी बनाए रखना ही आपके गले के लिए सबसे अच्छा होगा.

कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडा पानी

कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडा पानी गले की खराश के दौरान बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए. ये आपके गले की सूजन को बढ़ा सकते हैं और दर्द पैदा कर सकते हैं. ठंडी चीज़ें गले की नाजुक म्यूकस मेम्ब्रेन को अचानक से ठंडा कर देती हैं, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और रिकवरी की प्रक्रिया धीमी हो जाती है.

मुझे याद है, एक बार मेरा गला खराब था और मैंने प्यास बुझाने के लिए फ्रिज का ठंडा पानी पी लिया था, उसके बाद मेरे गले में ऐसा दर्द हुआ कि मुझे लगा मेरा गला फट जाएगा.

इसके बजाय, गुनगुना पानी या कमरे के तापमान का पानी पीना ही सबसे बेहतर विकल्प है.

आइसक्रीम और ठंडी मिठाइयाँ

आइसक्रीम और अन्य ठंडी मिठाइयाँ जैसे कुल्फी, फ्रोजन योगर्ट आदि भी गले की खराश में हानिकारक हो सकती हैं. ये न केवल ठंडी होती हैं बल्कि अक्सर मीठी भी होती हैं, और चीनी भी गले की सूजन को बढ़ा सकती है.

ठंडी चीज़ें गले में रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देती हैं, जिससे दर्द और बढ़ जाता है. मैं अपने अनुभव से बता रही हूँ, जब गले में खराश हो, तो मीठी और ठंडी चीज़ों से पूरी तरह से परहेज़ करना ही सबसे अच्छा है.

अत्यधिक मीठे और प्रोसेस्ड फ़ूड: शुगर अटैक और सूजन!

आजकल हम सभी मीठे के शौकीन हैं और प्रोसेस्ड फ़ूड हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन गए हैं, लेकिन जब आपका गला ठीक न हो, तो ये आपके लिए किसी दुश्मन से कम नहीं हैं.

अत्यधिक चीनी और प्रोसेस्ड फ़ूड गले में सूजन को बढ़ा सकते हैं और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर कर सकते हैं. मैंने देखा है कि जब लोग बीमार होते हैं और मीठी चीज़ें खाते हैं, तो उनकी रिकवरी धीमी हो जाती है.

ये खाद्य पदार्थ गले में बलगम को भी बढ़ा सकते हैं और एसिडिटी का कारण बन सकते हैं, जिससे आपकी परेशानी और भी बढ़ सकती है.

कैंडी और चॉकलेट

कैंडी और चॉकलेट में अत्यधिक चीनी होती है, जो गले की सूजन को बढ़ा सकती है. चीनी बैक्टीरिया के पनपने के लिए एक अच्छा वातावरण भी प्रदान करती है, जिससे गले का इन्फेक्शन और गंभीर हो सकता है.

जब मेरा गला खराब होता है, तो मुझे मीठा खाने का मन करता है, लेकिन मैंने सीखा है कि इससे बचना ही बेहतर है. ये चीज़ें गले को चिपचिपा भी बना सकती हैं और निगलने में दिक्कत पैदा कर सकती हैं.

इसलिए, जब तक आपका गला ठीक न हो जाए, तब तक इन मीठी चीज़ों से दूर रहें.

पैकेज्ड स्नैक्स और सोडा

पैकेज्ड स्नैक्स, जैसे बिस्कुट, केक, और अन्य बेकरी आइटम, और सोडा जैसे कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में भी बहुत ज़्यादा चीनी, प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं.

ये सभी आपके गले की सूजन को बढ़ा सकते हैं और आपको असहज महसूस करा सकते हैं. सोडा में मौजूद गैस गले को और ज़्यादा इरिटेट कर सकती है. मैंने देखा है कि जब भी मेरा गला खराब होता है और मैं गलती से सोडा पी लेती हूँ, तो मुझे तुरंत खांसी आने लगती है.

इसलिए, इन प्रोसेस्ड और मीठी चीज़ों से दूरी बनाकर अपने गले को जल्द ठीक होने का मौका दें.

परहेज़ करने योग्य भोजन यह गले को कैसे प्रभावित करता है
तीखे मसालेदार व्यंजन जलन और सूजन बढ़ाता है, दर्द असहनीय बनाता है.
अम्लीय खट्टे फल और रस गले की म्यूकस मेम्ब्रेन को इरिटेट करता है, एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकता है.
कठोर और खुरदुरे भोजन गले को खरोंच सकता है, सूजन और दर्द बढ़ा सकता है.
डेयरी उत्पाद (दूध, दही) बलगम उत्पादन बढ़ाता है, गले को चिपचिपा महसूस कराता है.
ठंडी और फ्रोजन चीज़ें सूजन बढ़ाता है, रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है, दर्द पैदा करता है.
अत्यधिक मीठे और प्रोसेस्ड फ़ूड सूजन बढ़ाता है, प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर करता है, बैक्टीरिया के लिए माहौल बनाता है.
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तीखे और मसालेदार व्यंजन: आग में घी डालने जैसी गलती!

जब गला दुख रहा हो, तब हर कोई सोचता है कि कुछ चटपटा खा लें ताकि स्वाद आ जाए, लेकिन दोस्तों, यही सबसे बड़ी गलती होती है! मैंने खुद कई बार इस चक्कर में अपने गले को और बुरी तरह से जलाया है.

तीखे मसाले, जैसे लाल मिर्च, काली मिर्च, और गरम मसाले, हमारे गले में पहले से मौजूद सूजन को कई गुना बढ़ा देते हैं. ये मसाले म्यूकस मेम्ब्रेन में इरिटेशन पैदा करते हैं, जिससे खराश और दर्द असहनीय हो जाते हैं.

कल्पना कीजिए, जैसे कोई घाव हो और उस पर आप मिर्च डाल दें, बस ठीक वैसी ही फीलिंग आती है. मुझे याद है, एक बार मेरा गला खराब था और मैंने गलती से थोड़ा तीखा चाइनीज खाना खा लिया, रात भर मैं सो नहीं पाया था.

ऐसा लगा जैसे गले में किसी ने गरम कोयला डाल दिया हो. इसलिए, ऐसे समय में अपनी स्वाद कलिकाओं को थोड़ा आराम देना ही सबसे अच्छा होता है. रिकवरी में तेज़ी लाने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप उन चीज़ों से दूर रहें जो गले को और उत्तेजित करती हैं.

मिर्च-मसाले वाले पकवान

जब आपका गला ठीक न हो, तो मिर्च-मसाले वाले पकवानों से पूरी तरह से परहेज़ करना चाहिए. बिरयानी, टिक्का, करी और अन्य सभी भारतीय व्यंजन जो तीखे होते हैं, उन्हें इस समय के लिए ‘नो एंट्री’ ज़ोन में रखें.

ये आपके गले की हालत को और भी बदतर बना सकते हैं. इनमें मौजूद मसाले गले में जलन और सूजन को बढ़ाते हैं, जिससे निगलने में और भी ज़्यादा परेशानी होती है. मुझे अपनी एक सहेली का किस्सा याद है, उसने ज़ुकाम में छोले भटूरे खा लिए थे और उसका गला इतना खराब हो गया कि उसे दो दिन तक बोलना भी मुश्किल हो गया.

यह सिर्फ स्वाद का मामला नहीं है, बल्कि आपके गले के स्वास्थ्य का भी है. इसलिए, थोड़ी समझदारी दिखाते हुए इन चीज़ों से दूरी बनाए रखें.

तले हुए स्नैक्स

목이 아플 때 피해야 할 음식 - Here are three detailed image prompts, strictly adhering to your guidelines:

तले हुए स्नैक्स, जैसे समोसे, पकौड़े, फ्रेंच फ्राइज, और चिप्स, भी गले की परेशानी को बढ़ा सकते हैं. ये खाने में तो स्वादिष्ट लगते हैं, लेकिन इनमें मौजूद तेल और अत्यधिक चिकनाई गले में बलगम को बढ़ा सकती है.

साथ ही, इनकी खुरदुरी बनावट गले को खरोंच सकती है. मैंने देखा है कि जब भी गला खराब होता है और कोई तला हुआ खाना खा लेते हैं, तो खांसी और कफ की समस्या बढ़ जाती है.

ये स्नैक्स गले में चिपक भी सकते हैं, जिससे निगलने में और भी असहजता महसूस होती है. इसलिए, इस समय में कुरकुरे और तले हुए भोजन से दूर रहकर अपने गले को शांत रहने दें.

अम्लीय खाद्य पदार्थ: गले को और खराब करने वाले दुश्मन!

अम्लीय खाद्य पदार्थ, जैसे खट्टे फल और टमाटर, जब गला खराब हो, तो गले के लिए बिल्कुल भी अच्छे नहीं होते हैं. ये भले ही विटामिन सी से भरपूर हों, लेकिन इनकी अम्लीय प्रकृति गले की नाजुक म्यूकस मेम्ब्रेन को इरिटेट कर सकती है.

मुझे याद है, एक बार गले में खराश थी और मैंने सोचा कि संतरे का जूस पीने से विटामिन सी मिलेगा और जल्दी ठीक हो जाऊंगी. लेकिन उसका उल्टा असर हुआ, गले में और ज़्यादा जलन महसूस होने लगी.

ये खाद्य पदार्थ पेट में एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) को भी ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे गले में एसिड वापस आ सकता है और सूजन और दर्द और बढ़ सकता है. इसलिए, इस समय में खट्टी चीज़ों से दूरी बनाए रखना ही बुद्धिमानी है.

नींबू, संतरा जैसे खट्टे फल और उनका रस

नींबू, संतरा, मोसंबी, और अंगूर जैसे खट्टे फल और उनके जूस को गले की खराश के दौरान बिल्कुल नहीं पीना चाहिए. इनकी एसिडिक प्रॉपर्टीज़ गले में मौजूद सूजन को बढ़ा सकती हैं और आपको असहज महसूस करा सकती हैं.

भले ही इनमें विटामिन सी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अच्छा है, लेकिन जब गले में सूजन हो, तो यह विपरीत प्रभाव डालता है. मुझे अपनी दादी से सुना है कि ऐसे में नींबू पानी पीना अच्छा होता है, लेकिन मेरे अनुभव में, जब गले में खराश हो, तो यह और ज़्यादा जलन पैदा करता है.

इसके बजाय, आप गुनगुना पानी या हर्बल चाय का सेवन कर सकते हैं.

टमाटर और टमाटर से बनी सॉस

टमाटर और टमाटर से बनी चीज़ें जैसे टमाटर सूप, केचप, और पास्ता सॉस भी अम्लीय होते हैं और गले की खराश को बढ़ा सकते हैं. इनकी अम्लीय प्रकृति गले में जलन पैदा कर सकती है.

जब गला पहले से ही संवेदनशील हो, तो ये चीज़ें आग में घी का काम करती हैं. मुझे याद है, एक बार मेरे छोटे भाई का गला खराब था और उसने टमाटर सूप पी लिया, उसके बाद उसे इतनी खांसी आई कि हमें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा.

ये चीज़ें गले में एसिड रिफ्लक्स का कारण भी बन सकती हैं, जिससे गले में जलन और दर्द और बढ़ जाता है. इसलिए, गले की रिकवरी के दौरान टमाटर और उससे बनी चीज़ों से दूर रहना ही बेहतर है.

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कठोर और खुरदुरे भोजन: गले पर रगड़ने वाले राक्षस!

जब गला दर्द कर रहा हो, तब कठोर और खुरदुरे भोजन खाने से बचना बहुत ज़रूरी है. ऐसे खाद्य पदार्थ गले की अंदरूनी परत को खरोंच सकते हैं और सूजन को बढ़ा सकते हैं.

कल्पना कीजिए, आपका गला पहले से ही संवेदनशील है और आप ऊपर से कोई नुकीली या खुरदुरी चीज़ खा रहे हैं, यह कितना दर्दनाक हो सकता है. मैंने देखा है कि कई बार लोग जल्दबाजी में कुछ ऐसा खा लेते हैं जिससे उनके गले की हालत और भी खराब हो जाती है.

ऐसे में, नरम और आसानी से निगलने वाले भोजन का सेवन करना चाहिए, ताकि गले को कोई अतिरिक्त तनाव न झेलना पड़े और वह जल्द से जल्द ठीक हो सके.

चिप्स और कुरकुरे

चिप्स और कुरकुरे जैसे स्नैक्स खाने में तो बहुत मज़ेदार लगते हैं, लेकिन गले की खराश में ये आपके सबसे बड़े दुश्मन बन सकते हैं. इनकी खुरदुरी और कठोर बनावट गले को खरोंच सकती है और दर्द को बढ़ा सकती है.

जब मैं छोटी थी, तब मेरा गला खराब था और मैंने चुपके से चिप्स खा लिए थे, मेरी मम्मी को पता चला तो डांट पड़ी थी और सच कहूं तो गले में और ज़्यादा दर्द होने लगा था.

ये गले में चिपक भी सकते हैं, जिससे आपको खांसी आ सकती है और स्थिति और भी बिगड़ सकती है. इसलिए, अपने गले को आराम देने के लिए इन कुरकुरे और खुरदुरे स्नैक्स से पूरी तरह से दूरी बना लें.

टोस्ट और सूखे बिस्कुट

टोस्ट और सूखे बिस्कुट, जो आमतौर पर चाय के साथ खाए जाते हैं, गले की खराश में बिल्कुल नहीं खाने चाहिए. इनकी सूखी और कठोर बनावट गले को और ज़्यादा सूखा और असहज महसूस करा सकती है.

ये आसानी से निगलने वाले नहीं होते और गले की म्यूकस मेम्ब्रेन को परेशान कर सकते हैं. मुझे याद है, एक बार गले में दर्द था और मैंने टोस्ट खा लिया था, मुझे इतना पानी पीना पड़ा था कि गले की सूजन और बढ़ गई थी.

इससे गले में खुजली और खांसी की समस्या भी बढ़ सकती है. ऐसे में, दलिया या खिचड़ी जैसे नरम भोजन का सेवन करना बेहतर है.

डेयरी उत्पाद: कफ बढ़ाकर और परेशान करने वाले!

बहुत से लोग मानते हैं कि जब गला खराब हो तो दूध पीना अच्छा होता है, लेकिन मेरा अनुभव कुछ और ही कहता है. डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही और पनीर, गले में बलगम (कफ) को बढ़ा सकते हैं, जिससे आपका गला और ज़्यादा भरा हुआ और चिपचिपा महसूस हो सकता है.

यह भले ही हर किसी के साथ न हो, लेकिन मैंने देखा है कि मेरे कई दोस्तों को जब भी गले की परेशानी होती है और वे डेयरी उत्पाद लेते हैं, तो उनकी खांसी और कफ की समस्या बढ़ जाती है.

यह गले की सूजन को कम करने की बजाय उसे और बढ़ा सकता है, जिससे रिकवरी में ज़्यादा समय लग सकता है.

दूध और पनीर

दूध और पनीर, हालांकि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, गले की खराश के दौरान इनसे बचना चाहिए. ये गले में बलगम के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं, जिससे गला और ज़्यादा भरा हुआ महसूस होता है और निगलने में कठिनाई हो सकती है.

मुझे याद है, एक बार मेरा गला खराब था और मैंने गर्म दूध पी लिया था, उसके बाद मुझे लगातार खांसी आती रही. यह गले में एक मोटी परत बना सकते हैं, जिससे असहजता महसूस होती है.

इसलिए, जब तक आपका गला पूरी तरह से ठीक न हो जाए, तब तक दूध और पनीर से दूर रहें.

दही और आइसक्रीम

दही और आइसक्रीम भी डेयरी उत्पाद हैं जिनसे गले की खराश में परहेज़ करना चाहिए. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो कुछ लोगों के गले को इरिटेट कर सकता है, खासकर अगर गला पहले से ही संवेदनशील हो.

और आइसक्रीम? यह तो ठंडी होने के कारण गले की सूजन को और बढ़ा सकती है और दर्द पैदा कर सकती है. मेरे बचपन में जब भी मेरा गला खराब होता था, मेरी मम्मी मुझे आइसक्रीम खाने से रोकती थीं और वे सही थीं!

ठंडी चीज़ें गले की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देती हैं, जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है और रिकवरी धीमी हो जाती है.

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ठंडी और फ्रोजन चीज़ें: दर्द को न्योता देने वाली!

जब गला खराब हो, तो ठंडी और फ्रोजन चीज़ें आपके गले के लिए ज़हर से कम नहीं हैं. मुझे पता है कि गर्मी में या जब शरीर गरम हो, तब ठंडा पानी या आइसक्रीम बहुत अच्छी लगती है, लेकिन गले की खराश में ये आपकी हालत को और बिगाड़ देती हैं.

ये चीज़ें गले में सूजन को बढ़ाती हैं और रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देती हैं, जिससे दर्द और असहजता महसूस होती है. मैंने अपनी आँखों से देखा है कि कैसे एक छोटे बच्चे का गला खराब था और उसके माता-पिता ने उसे आइसक्रीम खिला दी, फिर उसकी खांसी रात भर बंद नहीं हुई.

इसलिए, इस समय में इन चीज़ों से पूरी तरह से दूरी बनाए रखना ही आपके गले के लिए सबसे अच्छा होगा.

कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडा पानी

कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडा पानी गले की खराश के दौरान बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए. ये आपके गले की सूजन को बढ़ा सकते हैं और दर्द पैदा कर सकते हैं. ठंडी चीज़ें गले की नाजुक म्यूकस मेम्ब्रेन को अचानक से ठंडा कर देती हैं, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और रिकवरी की प्रक्रिया धीमी हो जाती है.

मुझे याद है, एक बार मेरा गला खराब था और मैंने प्यास बुझाने के लिए फ्रिज का ठंडा पानी पी लिया था, उसके बाद मेरे गले में ऐसा दर्द हुआ कि मुझे लगा मेरा गला फट जाएगा.

इसके बजाय, गुनगुना पानी या कमरे के तापमान का पानी पीना ही सबसे बेहतर विकल्प है.

आइसक्रीम और ठंडी मिठाइयाँ

आइसक्रीम और अन्य ठंडी मिठाइयाँ जैसे कुल्फी, फ्रोजन योगर्ट आदि भी गले की खराश में हानिकारक हो सकती हैं. ये न केवल ठंडी होती हैं बल्कि अक्सर मीठी भी होती हैं, और चीनी भी गले की सूजन को बढ़ा सकती है.

ठंडी चीज़ें गले में रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देती हैं, जिससे दर्द और बढ़ जाता है. मैं अपने अनुभव से बता रही हूँ, जब गले में खराश हो, तो मीठी और ठंडी चीज़ों से पूरी तरह से परहेज़ करना ही सबसे अच्छा है.

अत्यधिक मीठे और प्रोसेस्ड फ़ूड: शुगर अटैक और सूजन!

आजकल हम सभी मीठे के शौकीन हैं और प्रोसेस्ड फ़ूड हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन गए हैं, लेकिन जब आपका गला ठीक न हो, तो ये आपके लिए किसी दुश्मन से कम नहीं हैं.

अत्यधिक चीनी और प्रोसेस्ड फ़ूड गले में सूजन को बढ़ा सकते हैं और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर कर सकते हैं. मैंने देखा है कि जब लोग बीमार होते हैं और मीठी चीज़ें खाते हैं, तो उनकी रिकवरी धीमी हो जाती है.

ये खाद्य पदार्थ गले में बलगम को भी बढ़ा सकते हैं और एसिडिटी का कारण बन सकते हैं, जिससे आपकी परेशानी और भी बढ़ सकती है.

कैंडी और चॉकलेट

कैंडी और चॉकलेट में अत्यधिक चीनी होती है, जो गले की सूजन को बढ़ा सकती है. चीनी बैक्टीरिया के पनपने के लिए एक अच्छा वातावरण भी प्रदान करती है, जिससे गले का इन्फेक्शन और गंभीर हो सकता है.

जब मेरा गला खराब होता है, तो मुझे मीठा खाने का मन करता है, लेकिन मैंने सीखा है कि इससे बचना ही बेहतर है. ये चीज़ें गले को चिपचिपा भी बना सकती हैं और निगलने में दिक्कत पैदा कर सकती हैं.

इसलिए, जब तक आपका गला ठीक न हो जाए, तब तक इन मीठी चीज़ों से दूर रहें.

पैकेज्ड स्नैक्स और सोडा

पैकेज्ड स्नैक्स, जैसे बिस्कुट, केक, और अन्य बेकरी आइटम, और सोडा जैसे कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में भी बहुत ज़्यादा चीनी, प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं.

ये सभी आपके गले की सूजन को बढ़ा सकते हैं और आपको असहज महसूस करा सकते हैं. सोडा में मौजूद गैस गले को और ज़्यादा इरिटेट कर सकती है. मैंने देखा है कि जब भी मेरा गला खराब होता है और मैं गलती से सोडा पी लेती हूँ, तो मुझे तुरंत खांसी आने लगती है.

इसलिए, इन प्रोसेस्ड और मीठी चीज़ों से दूरी बनाकर अपने गले को जल्द ठीक होने का मौका दें.

परहेज़ करने योग्य भोजन यह गले को कैसे प्रभावित करता है
तीखे मसालेदार व्यंजन जलन और सूजन बढ़ाता है, दर्द असहनीय बनाता है.
अम्लीय खट्टे फल और रस गले की म्यूकस मेम्ब्रेन को इरिटेट करता है, एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकता है.
कठोर और खुरदुरे भोजन गले को खरोंच सकता है, सूजन और दर्द बढ़ा सकता है.
डेयरी उत्पाद (दूध, दही) बलगम उत्पादन बढ़ाता है, गले को चिपचिपा महसूस कराता है.
ठंडी और फ्रोजन चीज़ें सूजन बढ़ाता है, रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है, दर्द पैदा करता है.
अत्यधिक मीठे और प्रोसेस्ड फ़ूड सूजन बढ़ाता है, प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर करता है, बैक्टीरिया के लिए माहौल बनाता है.
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ब्लॉग को समाप्त करते हुए

तो दोस्तों, जैसा कि आपने देखा, जब गले में खराश या दर्द हो, तो हमें अपने खान-पान को लेकर बहुत सावधान रहना पड़ता है. यह सिर्फ स्वाद का मामला नहीं है, बल्कि आपके गले के जल्दी ठीक होने का भी है. मुझे पता है कि कभी-कभी मन करता है कि कुछ चटपटा या ठंडा खा लें, लेकिन मेरे अनुभव से कहूं तो यह आपकी परेशानी को और बढ़ा देता है. गले की सेहत हमारी आवाज़ और हमारे बोलने की क्षमता के लिए कितनी ज़रूरी है, यह हम सब जानते हैं. इसलिए, ऐसे समय में थोड़ी सी समझदारी दिखाकर और इन चीज़ों से परहेज़ करके आप अपने गले को जल्द से जल्द राहत दे सकते हैं. याद रखिए, आपका स्वास्थ्य आपकी सबसे बड़ी पूंजी है, और उसकी देखभाल करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए.

कुछ और उपयोगी बातें

1. गरारे करना न भूलें: गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने से गले की सूजन और दर्द में काफी राहत मिलती है. मैंने खुद कई बार इसे आजमाया है और यह बहुत असरदार है.

2. हाइड्रेटेड रहें: खूब सारा गुनगुना पानी पिएं. हर्बल चाय, जैसे अदरक और शहद वाली चाय, भी गले को आराम देती है और बलगम को पतला करने में मदद करती है. हमेशा याद रखें, पानी ही जीवन है, खासकर जब आप बीमार हों.

3. भाप लें: गर्म पानी की भाप लेने से गले की नसों को आराम मिलता है और कंजेशन कम होता है. आप इसमें नीलगिरी का तेल भी मिला सकते हैं. यह मेरे घर में आजमाया हुआ नुस्खा है.

4. आराम करें: शरीर को ठीक होने के लिए पर्याप्त आराम देना बहुत ज़रूरी है. काम और तनाव से दूर रहकर शरीर को अपनी ऊर्जा रिकवरी में लगाने दें. मैंने देखा है कि भरपूर आराम से ही सबसे तेज़ी से ठीक होते हैं.

5. डॉक्टर की सलाह: अगर आपके गले का दर्द या खराश कुछ दिनों से ज़्यादा रहे या कोई और गंभीर लक्षण दिखें, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें. अपनी सेहत के साथ कोई समझौता न करें.

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मुख्य बिंदुओं पर एक नज़र

गले की खराश के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से बचना आपके जल्दी ठीक होने की कुंजी है. तीखे, अम्लीय, कठोर, डेयरी उत्पाद, ठंडी और अत्यधिक मीठी चीज़ें आपके गले की सूजन और दर्द को बढ़ा सकती हैं. इसके बजाय, नरम, गुनगुने और पौष्टिक भोजन का सेवन करें जो आपके गले को आराम दें और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करें. याद रखें, यह कुछ दिनों की बात है, और सावधानी बरतकर आप अपनी सेहत को तेज़ी से पटरी पर ला सकते हैं. अपना और अपने गले का ध्यान रखें!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖

प्र: गले की खराश में सबसे ज़्यादा किन चीज़ों से दूर रहना चाहिए, और क्यों?

उ: अरे यार, गले की खराश में कुछ चीज़ें तो दुश्मन जैसी होती हैं! मेरे अपने अनुभव से, सबसे पहले तो तीखा और मसालेदार खाना बिल्कुल छोड़ दो। मिर्च, गरम मसाले, और चटपटा खाना सीधे हमारे गले की सूजन को बढ़ा देता है, और दर्द ऐसे बढ़ता है जैसे किसी ने आग लगा दी हो। दूसरा, खट्टे फल और जूस जैसे संतरा, नींबू, या टमाटर से भी दूर रहो। मुझे पता है कि विटामिन सी अच्छा होता है, लेकिन जब गला खराब हो, तो इनकी अम्लता गले को और परेशान कर सकती है। तीसरा, ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, या आइसक्रीम से तो बिलकुल परहेज़ करो। ठंडा हमारे गले की नसों को सिकोड़ देता है और रिकवरी में देर लगाता है। और हाँ, कुरकुरी चीज़ें जैसे चिप्स या टोस्ट भी मत खाना। ये गले में खरोंच कर सकते हैं और दर्द बढ़ा सकते हैं। आखिर में, तली-भुनी चीज़ें और ज़्यादा तेल वाला खाना भी पचाने में मुश्किल होता है और गले पर बुरा असर डाल सकता है। मेरी मानो तो, इन चीज़ों से बिलकुल दोस्ती मत करना जब तक गला ठीक न हो जाए!

प्र: अगर गलती से मैंने वो चीज़ें खा लीं जिनसे परहेज़ करना था, तो क्या होगा? क्या इससे कोई बड़ा नुकसान हो सकता है?

उ: सच्ची कहूँ तो, अगर गलती से ऐसी चीज़ें खा लीं जिनसे परहेज़ करना था, तो तुम्हारा गला और भी ज़्यादा दर्द करने लगेगा, ये तो पक्की बात है। मैंने खुद ये गलती कई बार की है, और हर बार पछताया हूँ। ये चीज़ें हमारे गले की अंदरूनी परत को और ज़्यादा irritate कर देती हैं, जिससे सूजन बढ़ जाती है और रिकवरी का समय लंबा खिंच जाता है। तुम्हें लगातार खाँसी आ सकती है, आवाज़ बैठ सकती है, और निगलने में इतना दर्द होगा कि कुछ खाने का मन ही नहीं करेगा। सबसे बड़ी बात, इससे इन्फेक्शन और बढ़ सकता है, और अगर पहले से कोई बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन है, तो वह और खतरनाक रूप ले सकता है। डॉक्टर के पास जाने की नौबत भी आ सकती है। तो यार, थोड़ी सी लालच के चक्कर में अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ मत करना। ये कुछ दिन की बात होती है, फिर तुम सब कुछ खा सकते हो!

प्र: तो ठीक है, अगर इन चीज़ों से परहेज़ करना है, तो फिर गले की खराश में आराम देने वाली सबसे अच्छी चीज़ें कौन सी हैं जो हम बेझिझक खा सकें?

उ: अरे वाह, ये हुई न बात! जब पता चल गया कि क्या नहीं खाना है, तो अब ये भी जान लो कि क्या खाने से जल्दी आराम मिलेगा। मुझे तो लगता है कि जब गला खराब हो, तो सबसे अच्छी दोस्त गरम चीज़ें होती हैं, लेकिन बहुत ज़्यादा गरम नहीं। हल्की गरम दाल का पानी, सब्ज़ियों का सूप (बिना मिर्च मसाले वाला), या फिर हल्की खिचड़ी। ये सब पेट के लिए भी हल्के होते हैं और गले को आराम भी देते हैं। शहद तो जादू है यार!
गरम पानी में एक चम्मच शहद डालकर पियो, या सीधे थोड़ा सा शहद चाट लो, गले को बहुत सूथिंग महसूस होता है। हल्दी वाला दूध भी बहुत असरदार है; ये इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है। और हाँ, अदरक की चाय (बिना दूध और बहुत हल्की मीठी) भी बहुत फायदेमंद होती है। इन चीज़ों को खाने से तुम्हारा गला जल्दी ठीक होगा और तुम्हें अच्छा महसूस होगा। अपनी सेहत को पहले रखो, बाकी सब बाद में!

📚 संदर्भ