चक्कर और पथरी के चक्कर: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे धोखा?

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어지럼증과 이석증의 차이 - Businesswoman in Office**

"A professional businesswoman in a modest business suit, sitting at a des...

अरे दोस्तों! कभी-कभी सिर घूमना, चक्कर आना, ये सब आम लगता है, पर क्या ये सिर्फ थकान है या कुछ और? मैंने खुद कई बार महसूस किया है कि अचानक उठने पर या थोड़ी देर बैठने के बाद एकदम से दुनिया गोल-गोल घूमने लगती है। ये चक्कर कभी-कभी इतने तेज होते हैं कि लगता है जैसे गिर ही जाऊंगा। अक्सर हम इसे कमजोरी समझ लेते हैं, लेकिन कई बार ये चक्कर आना “इयर स्टोन” की समस्या, जिसे इयर स्टोन डिसऑर्डर या BPPV (Benign Paroxysmal Positional Vertigo) भी कहते हैं, का संकेत हो सकता है। वैसे तो चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं, पर इयर स्टोन डिसऑर्डर और चक्कर आना दो अलग-अलग चीजें हैं, जिनके बारे में जानना बहुत जरूरी है।आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, मोबाइल और कंप्यूटर पर लगातार काम करने से भी चक्कर आ सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि स्क्रीन टाइम बढ़ने से आंखों पर जोर पड़ता है, जिससे सिरदर्द और चक्कर की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा, गलत पॉस्चर में बैठने से भी गर्दन और पीठ की मांसपेशियों में तनाव होता है, जिससे चक्कर आ सकते हैं। भविष्य में, VR (Virtual Reality) और AR (Augmented Reality) टेक्नोलॉजी के ज्यादा इस्तेमाल से ये समस्या और भी बढ़ सकती है। इसलिए, हमें अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए और समय-समय पर ब्रेक लेते रहना चाहिए।तो, चलिए इस बारे में और गहराई से जानते हैं कि चक्कर आना और इयर स्टोन डिसऑर्डर में क्या अंतर है। हम यह भी देखेंगे कि इनके क्या कारण हैं, लक्षण क्या हैं, और इनका इलाज कैसे किया जाता है।तो चलिए, इस बारे में एकदम सटीक जानकारी लेते हैं!

## चक्कर आने के पीछे छिपे कारण: क्या ये सिर्फ थकान है? दोस्तों, चक्कर आना एक ऐसी अनुभूति है जब आपको लगता है कि आपके आस-पास की दुनिया घूम रही है या आप खुद घूम रहे हैं। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है और इसके कई कारण हो सकते हैं। कभी-कभी यह सिर्फ थकान या कमजोरी के कारण होता है, लेकिन कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। मैंने खुद कई बार महसूस किया है कि जब मैं बहुत देर तक कंप्यूटर पर काम करता हूँ या यात्रा करता हूँ, तो मुझे चक्कर आने लगते हैं। ऐसे में, यह जानना ज़रूरी है कि चक्कर आने के पीछे क्या कारण हैं और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।

1. चक्कर आने के सामान्य कारण

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* तनाव और चिंता: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और चिंता होना आम बात है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारे शरीर में कई तरह के हार्मोन निकलते हैं, जो चक्कर आने का कारण बन सकते हैं।
* निर्जलीकरण: शरीर में पानी की कमी होने पर भी चक्कर आ सकते हैं। गर्मी के मौसम में या व्यायाम करने के बाद शरीर से बहुत पसीना निकलता है, जिससे निर्जलीकरण हो सकता है।
* ब्लड प्रेशर में बदलाव: ब्लड प्रेशर में अचानक बदलाव होने पर भी चक्कर आ सकते हैं। यह अक्सर उठने या बैठने के दौरान होता है।
* खून की कमी: शरीर में खून की कमी होने पर ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे चक्कर आने लगते हैं।

2. इयर स्टोन डिसऑर्डर (BPPV): क्या है ये समस्या?

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इयर स्टोन डिसऑर्डर, जिसे BPPV (Benign Paroxysmal Positional Vertigo) भी कहा जाता है, एक ऐसी समस्या है जिसमें आंतरिक कान में मौजूद कैल्शियम क्रिस्टल अपनी जगह से हट जाते हैं। ये क्रिस्टल आमतौर पर उस हिस्से में होते हैं जो हमारे संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। जब ये क्रिस्टल अपनी जगह से हट जाते हैं, तो वे आंतरिक कान के अन्य हिस्सों को उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे चक्कर आने लगते हैं। इयर स्टोन डिसऑर्डर के कारण होने वाले चक्कर आमतौर पर अचानक होते हैं और कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक रह सकते हैं।

3. चक्कर आना और इयर स्टोन डिसऑर्डर में अंतर

चक्कर आना एक सामान्य लक्षण है जो कई कारणों से हो सकता है, जबकि इयर स्टोन डिसऑर्डर चक्कर आने का एक विशिष्ट कारण है। चक्कर आने के अन्य कारणों में माइग्रेन, आंतरिक कान में संक्रमण, और कुछ दवाएं शामिल हैं। इयर स्टोन डिसऑर्डर के कारण होने वाले चक्कर आमतौर पर सिर की स्थिति में बदलाव के साथ होते हैं, जैसे कि बिस्तर पर करवट बदलना या ऊपर देखना।

4. इयर स्टोन डिसऑर्डर के लक्षण

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* सिर की स्थिति बदलने पर चक्कर आना
* संतुलन खोना
* जी मिचलाना
* उल्टी
* आंखों का अनैच्छिक रूप से घूमना (निस्टागमस)

5. चक्कर आने के अन्य संभावित कारण

कई बार चक्कर आना किसी और गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। उदाहरण के लिए:1. माइग्रेन: माइग्रेन के सिरदर्द के साथ चक्कर आना भी हो सकता है।
2. आंतरिक कान का संक्रमण: आंतरिक कान में संक्रमण होने पर भी चक्कर आ सकते हैं।
3.

हृदय रोग: कुछ हृदय रोगों के कारण भी चक्कर आ सकते हैं।
4. मस्तिष्क संबंधी समस्याएं: दुर्लभ मामलों में, चक्कर आना मस्तिष्क ट्यूमर या स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।

6. चक्कर आने पर क्या करें: प्राथमिक उपचार

जब आपको चक्कर आ रहे हों, तो कुछ चीजें हैं जो आप कर सकते हैं:1. तुरंत बैठ या लेट जाएं: इससे गिरने का खतरा कम हो जाएगा।
2. अपनी आँखें बंद करें: यह चक्कर को कम करने में मदद कर सकता है।
3.

धीरे-धीरे गहरी सांस लें: यह तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
4. हाइड्रेटेड रहें: पानी या जूस पिएं।
5. शराब और कैफीन से बचें: ये चक्कर को और बढ़ा सकते हैं।

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7. डॉक्टर को कब दिखाएं

यदि आपके चक्कर आने के लक्षण गंभीर हैं, बार-बार होते हैं, या अन्य लक्षणों के साथ होते हैं, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉक्टर आपके चक्कर आने के कारण का पता लगाने और उचित उपचार की सिफारिश करने में सक्षम होंगे।

लक्षण चक्कर आना इयर स्टोन डिसऑर्डर (BPPV)
अनुभूति घूमने जैसा महसूस होना या अस्थिरता सिर की स्थिति बदलने पर अचानक चक्कर आना
अवधि कुछ सेकंड से लेकर घंटों तक कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक
कारण तनाव, निर्जलीकरण, दवाएं, आदि आंतरिक कान में कैल्शियम क्रिस्टल का अपनी जगह से हटना
अन्य लक्षण सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी संतुलन खोना, आंखों का अनैच्छिक रूप से घूमना

8. इयर स्टोन डिसऑर्डर का इलाज: सरल तरीके

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"A doctor in a professional white coat explaining the ear to a pa...
इयर स्टोन डिसऑर्डर का इलाज आमतौर पर सरल एक्सरसाइज से किया जा सकता है जिसे एप्ले मेनूवर (Epley maneuver) कहा जाता है। इस एक्सरसाइज में सिर को एक खास क्रम में घुमाया जाता है ताकि कैल्शियम क्रिस्टल अपनी सही जगह पर वापस आ जाएं। यह एक्सरसाइज आमतौर पर एक डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा की जाती है।* दवाएं: कुछ मामलों में, डॉक्टर चक्कर आने के लक्षणों को कम करने के लिए दवाएं लिख सकते हैं।
* सर्जरी: बहुत ही दुर्लभ मामलों में, इयर स्टोन डिसऑर्डर के इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

चक्कर से राहत पाने के घरेलू नुस्खे

चक्कर आने पर कुछ घरेलू नुस्खे भी आजमाए जा सकते हैं जो आपको आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं।* अदरक: अदरक चक्कर आने और जी मिचलाने को कम करने में मदद कर सकता है। आप अदरक की चाय पी सकते हैं या अदरक के टुकड़े चबा सकते हैं।
* पुदीना: पुदीना भी चक्कर आने और जी मिचलाने को कम करने में मदद कर सकता है। आप पुदीने की चाय पी सकते हैं या पुदीने की पत्तियां चबा सकते हैं।
* शहद: शहद शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और चक्कर आने को कम करने में मदद कर सकता है। आप एक चम्मच शहद खा सकते हैं या इसे पानी में मिलाकर पी सकते हैं।

जीवनशैली में बदलाव

अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके भी आप चक्कर आने की समस्या को कम कर सकते हैं:1. पर्याप्त नींद लें: नींद की कमी से चक्कर आ सकते हैं।
2. नियमित व्यायाम करें: व्यायाम करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है और चक्कर आने की समस्या कम हो सकती है।
3.

तनाव कम करें: तनाव से चक्कर आ सकते हैं, इसलिए तनाव कम करने के तरीके खोजें, जैसे कि योग या ध्यान।
4. सही खानपान: स्वस्थ भोजन खाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

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निष्कर्ष

चक्कर आना एक आम समस्या है जिसके कई कारण हो सकते हैं। चक्कर आने पर घबराने की जरूरत नहीं है। ज्यादातर मामलों में, यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता है। यदि आपके चक्कर आने के लक्षण गंभीर हैं, बार-बार होते हैं, या अन्य लक्षणों के साथ होते हैं, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सही निदान और उपचार के साथ, आप चक्कर आने की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और सामान्य जीवन जी सकते हैं।दोस्तों, चक्कर आने के कारणों और उपायों के बारे में जानकर आपको निश्चित रूप से थोड़ी राहत मिली होगी। याद रखें, हर चक्कर आना गंभीर नहीं होता, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है। अगर आपको बार-बार या गंभीर चक्कर आते हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। स्वस्थ रहें और मस्त रहें!

लेख समाप्त करते हुए

चक्कर आना एक ऐसी समस्या है जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, यह हमारे स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है। उम्मीद है कि इस लेख से आपको चक्कर आने के कारणों और उपायों के बारे में जानने में मदद मिली होगी। स्वस्थ रहें और सुरक्षित रहें!

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जानने योग्य उपयोगी जानकारी

1. चक्कर आने पर तुरंत लेट जाएं या बैठ जाएं ताकि गिरने से बचा जा सके।

2. अदरक की चाय पीने से चक्कर आने में आराम मिल सकता है।

3. निर्जलीकरण से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।

4. नियमित व्यायाम करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है।

5. तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करें।

महत्वपूर्ण बातों का सार

चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे तनाव, निर्जलीकरण, और इयर स्टोन डिसऑर्डर।

इयर स्टोन डिसऑर्डर में आंतरिक कान में मौजूद कैल्शियम क्रिस्टल अपनी जगह से हट जाते हैं, जिससे चक्कर आते हैं।

चक्कर आने पर तुरंत बैठ या लेट जाएं और डॉक्टर से सलाह लें यदि लक्षण गंभीर हैं या बार-बार होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖

प्र: चक्कर आना और इयर स्टोन डिसऑर्डर में क्या अंतर है?

उ: चक्कर आना एक सामान्य शब्द है जो सिर घूमने या अस्थिर महसूस होने को दर्शाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे थकान, तनाव, या डिहाइड्रेशन। इयर स्टोन डिसऑर्डर, जिसे BPPV भी कहते हैं, एक विशिष्ट समस्या है जिसमें आंतरिक कान में कैल्शियम क्रिस्टल (इयर स्टोन्स) अपनी जगह से हट जाते हैं और चक्कर आने का कारण बनते हैं। इयर स्टोन डिसऑर्डर में चक्कर आमतौर पर अचानक और थोड़े समय के लिए आते हैं, जबकि सामान्य चक्कर आना लंबे समय तक रह सकता है।

प्र: इयर स्टोन डिसऑर्डर के लक्षण क्या हैं और इसका इलाज कैसे किया जाता है?

उ: इयर स्टोन डिसऑर्डर के मुख्य लक्षण हैं अचानक चक्कर आना, जो सिर की विशेष स्थिति में आने पर होता है, जैसे कि बिस्तर पर करवट बदलना या ऊपर-नीचे देखना। इसके साथ मतली या उल्टी भी हो सकती है। इसका इलाज आमतौर पर एpley Maneuver (एप्ली मेनूवर) जैसी फिजिकल थेरेपी से किया जाता है, जिसमें सिर को विशेष तरीके से घुमाया जाता है ताकि इयर स्टोन्स अपनी सही जगह पर वापस आ जाएं। डॉक्टर की सलाह पर दवाइयाँ भी ली जा सकती हैं।

प्र: चक्कर आने से बचने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

उ: चक्कर आने से बचने के लिए आप कुछ आसान उपाय कर सकते हैं। पर्याप्त पानी पिएं और डिहाइड्रेशन से बचें। स्क्रीन टाइम को कम करें और हर 20 मिनट में ब्रेक लें। सही पॉस्चर में बैठें और गर्दन और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज करें। अगर चक्कर बार-बार आते हैं तो डॉक्टर से सलाह लें ताकि सही कारण का पता चल सके और उचित इलाज किया जा सके। नींद पूरी लें और तनाव कम करने की कोशिश करें।

📚 संदर्भ

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